डिविडेंड और बोनस शेयर क्या होते हैं? कंपनी इन्हें कब देती है?
अब तक आपने यह समझ लिया होगा कि शेयर के भाव कैसे कम या ज्यादा होते हैं। अगर आपने हमारे शुरुआती पार्ट नहीं पढ़े हैं, तो नीचे दिए गए लिंक से जरूर पढ़ें, जिससे आपको शेयर मार्केट की पूरी प्रक्रिया अच्छे से समझ में आ सके।
अब बात करते हैं आज के सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक की—डिविडेंड (Dividend) और बोनस शेयर (Bonus Share) आखिर क्या होते हैं और कंपनियां इन्हें कब देती हैं?
🔹 डिविडेंड क्या होता है?
जब कोई कंपनी अपने पूरे साल का लेखा-जोखा तैयार करती है, जिसे Annual Report कहा जाता है, तो उसमें कंपनी अपने मुनाफे (Profit) और नुकसान (Loss) के बारे में जानकारी देती है।
मान लीजिए एक कंपनी को एक साल में ₹1 लाख का मुनाफा हुआ। अब कंपनी चाहती है कि वह अपने इस मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरहोल्डर्स के साथ शेयर करे।
👉 ऐसी स्थिति में कंपनी अपने निवेशकों को जो पैसा देती है, उसे डिविडेंड (Dividend) या लाभांश कहा जाता है।
🔹 डिविडेंड कैसे मिलता है?
अगर कंपनी ₹10 प्रति शेयर डिविडेंड देती है, तो:
- जिसके पास जितने शेयर होंगे
- उसे उसी हिसाब से पैसा मिलेगा
👉 यह पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट में आता है।
🔹 डिविडेंड मिलने पर शेयर प्राइस पर असर
बहुत से लोग सोचते हैं कि डिविडेंड मिलने पर फायदा ही फायदा होता है, लेकिन ऐसा पूरी तरह सही नहीं है।
👉 जिस दिन डिविडेंड दिया जाता है:
- शेयर की कीमत लगभग उतनी ही कम हो जाती है
- जितना डिविडेंड दिया गया होता है
👉 उदाहरण:
अगर शेयर का भाव ₹100 है और ₹10 डिविडेंड मिलता है, तो:
- नया भाव लगभग ₹90 हो सकता है
इसका मतलब:
- ₹10 आपको कैश में मिला
- लेकिन शेयर की कीमत ₹10 कम हो गई
🔹 कंपनी डिविडेंड कब देती है?
हर कंपनी डिविडेंड नहीं देती।
✔️ बड़ी और स्थिर कंपनियां (Stable कंपनियां)
✔️ जिनका मुनाफा नियमित होता है
👉 वही कंपनियां डिविडेंड देती हैं
❌ जबकि ग्रोथ कंपनियां
👉 अपने मुनाफे को बिजनेस में ही दोबारा निवेश करती हैं
🔹 बोनस शेयर क्या होते हैं?
अब बात करते हैं बोनस शेयर की।
कई बार कंपनी कैश देने की बजाय अपने शेयरहोल्डर्स को फ्री में अतिरिक्त शेयर दे देती है, जिसे बोनस शेयर कहा जाता है।
🔹 बोनस शेयर कैसे मिलते हैं?
👉 उदाहरण:
अगर कंपनी 1:1 बोनस देती है, तो:
- आपके पास 10 शेयर हैं
- तो आपको 10 और शेयर मिल जाएंगे
- यानी कुल 20 शेयर हो जाएंगे
🔹 बोनस शेयर का असर क्या होता है?
- आपके Demat Account में शेयर की संख्या बढ़ जाती है
- लेकिन कंपनी की कुल वैल्यू वही रहती है
👉 इसलिए:
- शेयर की कीमत कम हो जाती है
👉 उदाहरण:
अगर शेयर ₹200 का है और 1:1 बोनस मिलता है:
- नया प्राइस लगभग ₹100 हो जाएगा
- लेकिन आपके शेयर दोगुने हो जाएंगे
🔹 कंपनी बोनस शेयर क्यों देती है?
✔️ निवेशकों को आकर्षित करने के लिए
✔️ शेयर की लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए
✔️ मार्केट में पॉजिटिव इमेज बनाने के लिए
🔚 निष्कर्ष
- डिविडेंड = कैश में लाभांश
- बोनस शेयर = फ्री अतिरिक्त शेयर
👉 दोनों में:
- कंपनी की कुल वैल्यू नहीं बदलती
- सिर्फ आपके निवेश का रूप बदलता है
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