🛑 Icchapurti.com Fraud आया लोगों के सामने — ऐसे होगी कार्यवाही
📌 परिचय
जैसा कि आपने Niksa Capital के पिछले ब्लॉग में पढ़ा ही होगा, इच्छापूर्ति.कॉम (Icchapurti.com) ने लोगों से झूठ बोलकर उनकी मेहनत की कमाई को लूटा और एक बहुत बड़ा फ्रॉड (धोखाधड़ी) किया है।
हमारी टीम ने जब इस कंपनी की गहराई से जांच की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
⚠️ कर्मचारियों और बिज़नेस पार्टनर से धोखा
इच्छापूर्ति.कॉम ने न केवल अपने बिज़नेस पार्टनर और सुपर डिस्ट्रीब्यूटर से धोखा किया, बल्कि अपने कर्मचारियों को भी ठगा।
ये वही कर्मचारी थे जिन्हें कंपनी ने गलत जानकारी देकर मार्केट में उतारा, ताकि वे लोगों को “बिज़नेस पार्टनर” बनाएं।
कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने इन कर्मचारियों को जो जानकारी दी, वही उन्होंने लोगों तक पहुंचाई — और अनजाने में कर्मचारियों के ज़रिए लोगों ने लाखों रुपये Icchapurti.com में जमा कर दिए।
💰 लोगों की मेहनत की कमाई फंस गई
- न तो बिज़नेस पार्टनर को उनका पैसा वापस मिला,
- न ही सुपर डिस्ट्रीब्यूटर को,
- और न ही कर्मचारियों को उनका वेतन।
हमने अब तक इच्छापूर्ति.कॉम से संबंधित जितने भी ब्लॉग प्रकाशित किए हैं, उनमें एक शिकायत फॉर्म (Google Form) उपलब्ध कराया गया है,
जहाँ पीड़ित अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
🌍 देशभर से आने लगीं शिकायतें
जैसे-जैसे यह ब्लॉग लोगों तक पहुंचा, भारत के कोने-कोने से शिकायतें आने लगीं।
अब यह स्पष्ट हो चुका है कि यह कोई साधारण धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि यह देश के बड़े फ्रॉड्स में से एक हो सकता है।
अनुमान है कि इस घोटाले की राशि कई सौ करोड़ रुपये तक हो सकती है।
हालांकि इतने बड़े फ्रॉड की तुलना में अभी तक मिली शिकायतें कम हैं —
संभवतः ब्लॉग अभी सभी पीड़ितों तक नहीं पहुंच पाया है।
🙏 हमारी अपील
Niksa Capital टीम का सभी लोगों से विनम्र निवेदन है कि —
यदि आप या आपका कोई परिचित Icchapurti.com से जुड़ा था,
चाहे वह कर्मचारी हो, बिज़नेस पार्टनर या सुपर डिस्ट्रीब्यूटर —
कृपया इस ब्लॉग को उन तक पहुंचाएं और उनकी मदद करें ताकि वे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
अगर इस कंपनी का कोई कर्मचारी, जिसने जाने अनजाने में किसी व्यक्ति का पैसा इस कंपनी में लगवा दिया हो या उसकी सैलरी नहीं आई हो, वो भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है।
🧾 कंपनी के अंदर की जानकारी
हमारी टीम ने इच्छापूर्ति.कॉम के एक पूर्व वरिष्ठ कर्मचारी से बातचीत की।
उसने बताया कि कंपनी ने उसका लैपटॉप वापस ले लिया था,
जिसमें हजारों बिज़नेस पार्टनर्स के डाटा थे।
उसके अनुसार:
- राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में हजारों बिज़नेस पार्टनर बनाए गए।
- हर पार्टनर से ₹25,000 “सिक्योरिटी मनी” के रूप में और ₹75,000 अतिरिक्त लेकर ₹1 लाख प्रति पार्टनर की राशि ली गई।
- कई लोगों ने ₹3 से ₹6 लाख रुपये तक Icchapurti.com में जमा किए।
😔 पीड़ितों की पीड़ा
लोगों ने कर्ज लेकर अपने व्यवसाय को खड़ा करने की कोशिश की,
लेकिन अब उनका सब कुछ फंस चुका है।
हमारी टीम को आई शिकायतें देखकर दिल से दुख हुआ —
हर किसी की एक ही मांग है:
“हमारा पैसा हमें वापस मिलना चाहिए।”
⚖️ आगे की कार्यवाही
अब समय आ गया है कि कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।
इसके लिए हमें ज़रूरत है —
ज्यादा से ज्यादा प्रमाणों और शिकायतों की।
इसलिए, जो भी व्यक्ति इस फ्रॉड का शिकार हुआ है,
कृपया नीचे दिए गए Google Form लिंक पर अपनी जानकारी साझा करें:
- नाम
- शहर और राज्य
- मोबाइल नंबर
- कंपनी को दिए गए पैसों की राशि
- और संक्षिप्त विवरण या वीडियो बयान
📋 अपनी शिकायत के लिए यहां क्लिक करके Google Form भरें 📋
💪 निक्सा कैपिटल की मुहिम
Niksa Capital टीम उन सभी पीड़ितों —
कर्मचारियों, बिज़नेस पार्टनर और सुपर डिस्ट्रीब्यूटर —
के साथ खड़ी है।
हमारी टीम आपसे निवेदन करती है कि:
- इस ब्लॉग को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।
- उन लोगों की आवाज़ बनें जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई, एक झूठी कंपनी पर भरोसा करके गंवा दी।
❤️ निष्कर्ष
यह मुहिम सिर्फ एक फ्रॉड कंपनी के खिलाफ नहीं,
बल्कि हर उस आम आदमी के लिए है जिसने
अपने परिवार की बचत को दिखाये गए झूठे सपनों की आड़ में खो दिया।
“आवाज़ उठाइए, ताकि किसी और के साथ ऐसा धोखा न हो।”
🙏 धन्यवाद
– Niksa Capital Team
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